एमएसएमई-विकास संस्थान, रांची

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार
विभिन्न अप्रतिरोध्य वस्तुओं की नीलामी    आत्मनिर्भर भारत    उद्यम पंजीकरण    प्रोजेक्ट रिपोर्ट    चैम्पियन्स    राज्य चैम्पियम कंट्रोल रुम,रांची  

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संस्थान (एमएसएमई-विकास संस्थान), रांची विकास आयुक्त (एमएसएमई) का कार्यालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार का एक क्षेत्र कार्यालय है जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास हेतु सलाह, परामर्श एवं प्रशिक्षण, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, बाजार को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम के द्वारा झारखंड राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संस्थान और शाखा एमएसएमई-विकास संस्थान धनबाद जो कि अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त (एमएसएमई), नई दिल्ली के अधीन हैं, साथ-साथ झारखंड राज्य में भारत सरकार की नीतियों का कार्यान्वयन करने का कार्य करते हैं। यह भारत सरकार के प्रमुख संगठनों में से एक है जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के संवर्धन और विकास के लिए नीतियों और कार्यक्रम को बनाती और अपने 30 एमएसएमई - विकास संस्थानों और 28 शाखा संस्थानों के माध्यम से पूरे देश में लागू करने का कार्य करती है।

इस संस्थान को 1960 में लघु उद्योग सेवा संस्थान विस्तार केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था, इसके बाद 1975 में लघु उद्योग सेवा संस्थान के रूप में उन्नत किया गया और जून, 2007 से लघु उद्योग तथा ग्रामीण और कृषि उद्योग के दो मंत्रालयों के विलय के बाद नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में इसका एमएसएमई - विकास संस्थान के रूप में नामकरण किया गया।

डॉ. एस. के. साहू, आई ई डी एस
निदेशक प्रभारी

निदेशक डेस्क

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संस्थान, रांची सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को संरचित प्रबंधन और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों के

माध्यम से अपने तकनीकी कौशल में सुधार करने और उनके ज्ञान के उन्नयन में सहायता करता है। दृढ़ निश्चय और ईमानदार प्रयासों के

साथ, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संस्थान, रांची ने विशेष रूप से छोटे पैमाने के क्षेत्र में उद्यमी संसाधन के विकास और अधिक

रोजगार उत्पन्न करने की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया है और इन क्षेत्रों को उल्लेखनीय बनाने के योगदान का दायित्व लिया है।